
।। भ्रष्टाचार की सिल्ट में दबी सरयू नहर: किसानों के अरमानों पर अधिकारियों की ‘बंदरबांट’ ।।
02 जनवरी 26, उत्तर प्रदेश।
बस्ती।। सरकारें बदलती हैं, बजट बढ़ते हैं, लेकिन व्यवस्था की जड़ में जमा भ्रष्टाचार की सिल्ट टस से मस नहीं होती। बस्ती जिले के सरयू नहर परियोजना (खंड-3) के अंतर्गत गणेशपुर चेतरा एकटेकवा माइनर में चल रहा ‘सफाई का खेल’ इसका जीता-जागता प्रमाण है। यहाँ नहर साफ हुई या नहीं, यह तो बहस का विषय हो सकता है, लेकिन सरकारी खजाने को साफ करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
कागजों पर ‘चकाचक’, जमीन पर ‘बदहाल’
हैरानी की बात यह है कि जहाँ नहर की गहराई में अभी भी कीचड़ और झाड़ियाँ पसरी हैं, वहीं विभागीय फाइलों में नहर आईने की तरह चमक रही है। ठेकेदार और विभाग के जिम्मेदार इंजीनियरों ने मिलकर ‘कागजी जादूगरी’ का ऐसा जाल बुना है कि बिना काम किए ही भुगतान की फाइलें दौड़ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जेई और एसडीओ की नाक के नीचे फर्जी मस्टर रोल और माप पुस्तिका (MB) तैयार की जा रही है। सवाल यह है कि जो सिल्ट उलेची ही नहीं गई, उसका माप कैसे दर्ज हो गया?
नियमों को ठेंगे पर रखता ‘अपनों’ का मोह
इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक नैतिकता पर है। नीतिगत रूप से जिस जिले में अधिकारी का घर हो, वहां उसकी तैनाती से बचा जाता है ताकि निष्पक्षता बनी रहे। लेकिन यहाँ नियम ताक पर हैं। गृह जनपद में तैनाती का लुत्फ उठा रहे अधिकारी शायद यह भूल गए हैं कि उनकी लापरवाही का खामियाजा उन किसानों को भुगतना होगा, जिनकी फसलें पानी के अभाव में सूखने की कगार पर हैं।
अन्नदाता के हक पर डकैती
नहरों की सफाई कोई रस्म अदायगी नहीं, बल्कि टेल (अंतिम छोर) तक पानी पहुँचाने की जीवनरेखा है। जब सिल्ट ही साफ नहीं होगी, तो पानी का बहाव अवरुद्ध होगा। ऐसे में सिंचाई के अभाव में दम तोड़ती फसलें क्या इन साहबों की फाइलों में दर्ज ‘फर्जी दावों’ से जिंदा होंगी? यह सिर्फ धन की लूट नहीं, बल्कि किसान के पसीने और मेहनत पर डकैती है।
जांच का इंतजार या लीपापोती?
अब गेंद उच्चाधिकारियों और शासन के पाले में है। क्या इस ‘सिल्ट घोटाले’ की निष्पक्ष जांच होगी या इसे भी फाइलों के नीचे दबा दिया जाएगा? किसानों की मांग स्पष्ट है—भुगतान पर तत्काल रोक लगे और मौके पर जाकर काम की हकीकत जांची जाए। अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मान लिया जाएगा कि इस ‘बंदरबांट’ की गंगा ऊपर से ही बह रही है।













